14 दिसंबर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता करेंगी हड़ताल, 8 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी

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 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर 14 दिसंबर से हड़ताल पर जाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा प्रदेश में

आंगनबाडी केन्द्रों की एकीकृत महिला एवं विकास योजनाएं कई वर्षों से चलायी जा रही है, जिसमें अधिक एक लाख से अधिक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत हैं।

और इस योजना को सफल बनाना है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की समस्या को लेकर समय-समय पर आंगनबाड़ी सहायिका संघ, भारतीय मजदूर संघ ज्ञापन व धरना-प्रदर्शन कर

अपनी मांगों को जिला व राज्य सरकारों के समक्ष रखता रहा है. लेकिन संस्था के मांग पत्र पर आज तक किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है।

अतः संघ द्वारा पुन: अपनी मांग रखते हुए 15 दिन की अवधि में समस्याओं का निराकरण नहीं होने की स्थिति में 14 दिसम्बर से जिले में संपूर्ण

परियोजना के अन्तर्गत कार्यरत सभी आंगनबाडी केन्द्रों का संचालन अनिश्चित काल के लिये बंद कर दिया जायेगा. एवं सभी

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जिला मुख्यालय परियोजना में जायेंगी। मैं सभी मांगें पूरी होने तक विरोध करूंगा। उनकी मूल मांग इस प्रकार है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकारी कर्मचारी घोषित कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर उपयुक्त श्रेणी में शामिल किया जाए।

2. जब तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता है, तब तक सहायिका को भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन 18000/-, 9000/- प्रति माह होना चाहिए।

3. वर्तमान में सरकार द्वारा मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का पद समाप्त कर मुख्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का पद हटाया जाए साथ ही वर्तमान में मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को मुख्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घोषित किया जाए।

4. आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिका के 9 माह की बकाया राशि का भुगतान आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के खाते में अतिशीघ्र किया जाये.

5. न्यूट्रिशन ट्रैकर में काम करने के लिए एंड्रायड फोन, सिम, इंटरनेट खर्च की निर्धारित राशि देनी होगी।

6. नई शिक्षा नीति 2020 के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्रिया प्राथमिक विद्यालय में परिवर्तित करने पर आंगनबाडी कार्यकर्ता को प्रिया प्राथमिक शिक्षक एवं सहायिका को प्रिया

प्राथमिक सहायक शिक्षक के रूप में प्रशिक्षण देकर पदोन्नति के आधार पर उनकी शैक्षणिक योग्यता के अनुभव को देखते हुए शिक्षण।

7. आंगनबाड़ी केन्द्रों में कार्यरत कर्मियों के लिए भविष्य निधि, निर्वाह भत्ता, सेवानिवृत्ति भत्ता, उनके एवं उनके आश्रितों के लिए चिकित्सा सुविधा, उनके बच्चों के लिए शिक्षा की सुविधा लागू की जाए।

8. पर्यवेक्षक के पद को भरने हेतु आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिका से वरिष्ठता एवं शैक्षणिक योग्यता के आधार पर ही किया जाये।

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